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Omi Tales

The Chases Of Mirage

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romance

ये धुंध सी है जो तेरे मेरे दरमियाँ

ये धुंध सी है जो तेरे मेरे दरमियाँ
ये किसी की साज़िश है या है हमारी गलतफेमियां?
तू अपनी ज़िन्दगी के किताब में पलट देती है पन्ना मेरे नाम का,
पर जब किताब ख़तम होगी तो देखना,
मिलेगा उसपर शीर्षक मेरे नाम का,
ये धुंध सी है जो तेरे मेरे दरमियाँ,
ये किसी की साज़िश है या है हमारी गलतफेमियां?

तूने जो दे दिया इस्तीफ़ा मेरे दिल को,
की अब इसकी धड़कने हिसाब करेगी तेरा,
की कितनी ले गयी और कितनी छोड़ गयी यादें रुमानियाँ,
ये धुंध सी है जो तेरे मेरे दरमियाँ,
ये किसी की साज़िश है या है हमारी गलतफेमियां?

मैं किसी भी और एक टक देखता हूँ,
आँखों के आगे होजाता है कोहरा और फिर मैं उसपार तुझे देखता हूँ,
ऐसे ही तुझे यादों में देख लेता हूँ,
ये धुंध सी है जो तेरे मेरे दरमियाँ,
ये किसी की साज़िश है या है हमारी गलतफेमियां?
#पंकज दीक्षित

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बेवजह परेशान है दिल

यूँ बेवजह परेशान है दिल,
क्या रात क्या दिन।
धड़कनो की दौड़ तेज़ है
न जाने कहाँ जाना चाहता है ये दिल।।

मेरी इन काली घेरे वाली आँखों को इश्तेहार बनाया है तेरा,
इस इश्तेहार को दिखा के पूछ रहा हूँ तेरा पता।
पहले दुनियां में सबसे अलग लगती थी,
पर अब हर चहरे में तुझको खोज रहा है ये दिल।
क्यों बेवजह परेशान है दिल,
क्या रात क्या दिन।।

आँखों की गहराई खूब है

उनकी आँखों की गहराई खूब है,
की डूब जाने का डर है।
मैं रहता हूँ बस उनके ख्यालों में
की अब तो खाली घर है।।

हमने मिलानी चाही उनसे नज़रे
पर दिल के खो जाने का डर है।
उनकी आखों की गहराई खूब है,
की डूब जाने का डर है।।

आँखों में कुछ बस्तियाँ बसी है लगता है,
कुछ खुशियों की चमक, कुछ चंचल शर्म है,
उनकी भी आँखे मुझे ही देखती है,
यह सच है या मेरा वहम है ।
उनको पाने की कोशिश नही करता,
क्योंकि  खो देने का डर है।
उनकी आँखों की गहराई खूब है,
की डूब जाने का डर है।।

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