उनकी आँखों की गहराई खूब है,
की डूब जाने का डर है।
मैं रहता हूँ बस उनके ख्यालों में
की अब तो खाली घर है।।

हमने मिलानी चाही उनसे नज़रे
पर दिल के खो जाने का डर है।
उनकी आखों की गहराई खूब है,
की डूब जाने का डर है।।

आँखों में कुछ बस्तियाँ बसी है लगता है,
कुछ खुशियों की चमक, कुछ चंचल शर्म है,
उनकी भी आँखे मुझे ही देखती है,
यह सच है या मेरा वहम है ।
उनको पाने की कोशिश नही करता,
क्योंकि  खो देने का डर है।
उनकी आँखों की गहराई खूब है,
की डूब जाने का डर है।।

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